5 निशानियाँ: क्या आप अपना कीमती टाइम नष्ट कर रहे हैं। या नहीं!!!

जीवन रोज एक संघर्ष है। खास तोर पर आज के युग में। यदि आपने कोई पेड़ लगाना है, तो उसका टाइम आज ही है। यदि कोई बचत शुरू करनी है, तो उसका टाइम आज ही है, चाहे केवल 1 रूपी रोज शुरू करें।

Otherwise, Elvis will leave the building, and you won’t even be ready to listen yet!!

यदि दूसरों से कम डरते हुए, अपने विचार सामने रखना चाहते हैं, तो उसकी शुरुआत आज ही से कर दीजिए, चाहे बिल्कुल छोटी सी शुरुआत करिए, पर कर दीजिए। चाहे खुद की डायरी पर ही अपने विचार क्यूँ न लिखें। यदि योग करना शुरू करना है, तो चाहे 2 मिनट का करिए, लेकिन आज ही से शुरू कर दीजिए।

काल करे से आज कर, आज करे सो अब, पल में प्रलय होएगी, बहुरि करोगे कब? ये बातें बड़े बड़े भगतों ने यूं ही नहीं कहीं। इनके मतलब बहुत गहरे हैं!

फिर भी, हममें से ज्यादातर यही चीज कर रहे हैं। मोबाईलस पर वो msgs पढ़ कर, वो विडिओ देख कर, जिसका हमें कोई फ़ायदा नहीं मिलने वाला। क्या आप सचमुच अपना टाइम बर्बाद कर रहे हैं? कुछ निशानियाँ है, जो आपको यह चीजें निर्धारित करने में मदद कर सकती हैं।

आप बिस्तर में ही छिपे रहते हैं।

यदि आप सुबह जागने के बाद भी, कितनी ही देर बिस्तर में पड़े रहते हैं। या उठने के बाद भी छोटे मोटे, गैर जरूरी कामों में अपना टाइम बर्बाद करते रहते हैं। तो आप अपने जीवन के कीमती क्षण दिन की शुरुआत में ही वैस्ट कर रहे हैं। थोड़ी सी हैबिट चेंज करके आप उन्ही कीमती पलों को अपना शरीर और दिमाग बेहतर बनाने में खर्च कर सकते हैं। मोबाईल पर जो msgs आप बार बार, उठते ही चेक करते हैं। वो नहाने के बाद, ऑफिस जाने के बाद चेक करके अपना रोज का कीमती टाइम बर्बाद होने से बचा सकते हैं।

दिन का कितना हिस्सा अन्वाइन्ड होने में खर्च करते हैं?

यदि आप रोज, दिन का बड़ा हिस्सा ऐसे कामों पर जाया कर रहे हैं, जो आपके मकसद से कोई मेल नहीं खाते। तो आप बहुत बड़ी भूल कर रहे हैं। यदि आप टीवी, मोबाईल, इंटरनेट पर अपने दिन का बड़ा हिस्सा, सिर्फ खुद को रीलैक्स रखने, मनोरंजन के पर्पस के लिए व्यतीत कर देते हैं, तो आप आने वाले टाइम में संकट में फँस जाएंगे। क्यूंकी यह आदत घातक होने के साथ साथ addictive भी है। और addictive होने के साथ साथ, बढ़ती दर से, बढ़ती भी है।
यदि आप दिन में 1 बार, या 2 बार, सारे दिन में 1 या ज़्यादा से ज़्यादा आपके जागते हुए टाइम का 20% मनोरंजन, या खुद को अन्बाउन्ड करने के लिए use कर लेते हैं तो चल सकता है। लेकिन इससे अधिक अनलाइन रहना, आपको आपके मकसद तक पहुँचने से रोक सकता है।
यदि आपका काम ही ऐसा है की आपको अनलाइन स्क्रीन पर रहना ही पड़ता है, तब भी, आपके अनलाइन काम में, और अनलाइन सोशल साइट्स पर रहने में बहुत फरक है। बार बार व्हाट्सप्प, टेलग्रैम, या अपनी चैट चेक करने में ही आपका कीमती समय नष्ट हुए जा रहा है।

जिन लोगों को अपने जीवन में जल्दी से कुछ अचीव करना है, उनको पता है की फेस्बूक पर बिताया हुआ एक घण्टा कभी भी वापिस नहीं आएगा। या ऑनलाइन किसी अनजान से बहस में पड़ कर आधा या पूरा दिन बिताने से आपको कुछ भी हासिल नहीं करेगा। कोई दूसरा आपकी बहस पर ध्यान देगा, यह आपका बहम है। यदि देगा भी तो वो भी आपकी तरह वैल्यू लेस बंदा ही होगा।

Remember, growing old is mandatory. Growing up isn’t.

दिन के अंत में बिस्तर पर पहुंचते ही नींद का न आना भी एक निशानी है।

यदि आप व्यर्थ में अपने दिन बिता रहे हैं, तो आपको रात को बिस्तर पर लेट कर भी कोई खास आनंद नहीं आएगा। बिस्तर भी उनको ही भाता है, जिन्होंने सारा दिन कुछ पर्डक्टिव करने में महनत की हो। बिना महनत किए, आप थकेंगे नहीं। और बिना थके, आपको नींद भी ढंग से नहीं आकर घेरेगी।

सोचना, सीखना और करना

यदि आप अपना ज़्यादा टाइम सीखने या प्लैनिंग करते रहने में, और फिर उसी प्लान को ढाने में (और फिर नया प्लान बनाने में) बिताते हैं, तो यह भी व्यर्थता की एक निशानी है। यदि आपने भार उठाना है, तो उसको उठा लीजिए। अधिक सोचने में समय मत गँवाईए। कुछ करेंगे तो ही उसके बारे में सही से पता चल पाएगा।
किनारे पर बैठने से कितनी मर्जी प्लैनिंग बनाए कोई, उसका अंतत कोई फ़ायदा नहीं। करने से ही कुछ होगा। आज के जीवन में तेजी से एक मकसद चुनिये, प्लान कीजिए, और उस पर चल दीजिए बस। जब केवल सीखने का टाइम था, तब आप बच्चे थे। बड़े होने के बाद, आपकी वर्क लाइफ में, आप जो भी सीखेंगे, वो करते हुए ही सीखेंगे।

“Don’t waste your time on learning everything.”

दूसरे आपके बारे में क्या सोचेंगे!!

यदि आप अपने हरेक प्लान में यह सोच कर प्लैनिंग करते हैं की समाज, आपके रिश्तेदार, क्या सोचेंगे, तो फिर आप नया कुछ भी नहीं कर पाएंगे। जब भी आप कुछ नया करेंगे तो आपको जानने वाले रोकेंगे ही रोकेंगे। क्यूंकी आप जो कर रहे हैं, वो उनके लिए नया है।
लेकिन याद रखें, की दुनिया, नए को ही सलाम करती है। पुराने को नहीं।
स्टीव जॉब्स ने जो भी किया, नया किया। और कुछ ऐसा किया, जो उसके सहयोगियों को कभी भी पसंद नहीं आया। लेकिन इसके बाबजऊद वही सहयोगी, बाद में उसकी कान्फ्रन्सिस में खड़े हो होकर तालियाँ मारने के इलावा कुछ भी नहीं कर सकते थे।

Remember, You are right if you think you can; you are also right if you think you can’t.

बॉबी जोफ़न

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Best Quote :fu: :fu:

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बहुत बढ़िया, सर से सब सबको पता है, पता होने के बावजूद भी इन निशानियों को दूर कैसे किया जाए।

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सिर्फ एक कदम लेना है बस।

ऊपर दिए गए पॉइंटस में से आप में जो भी कमी है, उसके सुधार के लिए आपने बिल्कुल छोटा सा कदम उठाना है बस।
बड़ा कदम उठाओगे तो उठा ही नहीं पाओगे। बस छोटा सा सुधार।

यदि आप मुझे 94 7878 4000 पर टेलग्रैम/व्हाट्सप्प करोगे तो मैं आपको गाइड कर सकता हूँ।

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