Clarification of a Facebook comment/post. How easy or complex this website is??!!

फ़ेसबुक पर एक मेम्बर, शबनम खोसा, ने फेस्बूक की इस पोस्ट पर इस वैबसाइट/वेब एप की कुछ कमियाँ गिनाई हैं, जिनसे मैं बिलकुल भी सहमत नहीं हूँ।

क्यूँ की वहाँ फेस्बूक पर ज्यादा लंबे लंबे आन्सर देकर प्रोपर आर्गुमेंट मुश्क़ुइल हैं, मैं उनका जबाब यहाँ पर देकर इसका लिंक वहाँ पर शेअर कर रहा हूँ।

मैं उनके पॉइंट टू पॉइंट का जबाब देने की चेष्टा करूंगा:
“Firstly the very important and the most easiest part is to post comments or the requirements on any website compared to your site… Your website has its own conditions as I told you earlier also that it forces me to install irrelevant apps on my phone before posting my requirement.”

हमारी वेब एप पर एक भी ऐसी कंडिशन नहीं है, या एप नहीं है, जो आपको पहले इन्स्टाल करनी पड़ती हो। बस ‘रिप्लाइ’ के बटन पर क्लिक कीजिये, और अपना कमेंट दीजिये। कोई एप इन्स्टाल करनी जरूरी नहीं है। बल्कि हमारी एप भी आप चाहे तो अपने मोबाइल में क्रोम के थ्रु इन्स्टाल कर लीजिये, चाहे इसको मोबाइल या पीसी के ब्राउज़र के थ्रु चलाईए।

“And second thing is sequence and the content is also not satisfactory… Means just look at the other websites on which they have shown and written the proper contents like About us page should be different…”

किस तरह के sequence की बात कर रहे हैं आप? यह एक डिस्कशन वेब साइट है। जिसको कटेगोरिएस में बांटा गया है। हरेक कैटेगरी के नीचे टॉपिक ओरगनीज़ेड रहते हैं। और एक टॉपिक के नीचे अलग अलग मेम्बर, उसी विषय पर सम्हन्धित अपने विचार रखते हैं। अगर कोई अलग से नयी बात कहना चाहता है, तो वो उचित कैटेगरी के अंदर अपना नया टॉपिक शुरू कर सकता है। इसके इलवा आप किस तरह का sequence चाहते हैं? कृपया कोई एक्जाम्पल दीजिये।

“There can page separation s on your site like what services are you giving… Job portal can be an another page… In Home services they can be again divided into which kind of home services… Related to public administration issues there can be separate pages on your site… So that anybody whosoever visit your site could easily have an access to all the services that you are providing।”

जब भी हमारी वेब एप पर कोई साइन इन करता है, उसको सबसे पहली पोस्ट यह वाली दिखाई देती है। इसमें क्लियर कट बताया गया है की हम क्या सर्विस देते हैं, और इस वैबसाइट का क्या मतलब है!! उसके बाद उसको इस साइट को यूस करने की मुख्य guidelines और तरीके अपने आप एक पर्सनल msg के रूप में मिल जाते हैं।

और जैसा की आपने कहा है/चाहा है, जॉबस के msgs के लिए अलग से एक कैटेगरी है। बिज़नस सर्विसेस के लिए अलग। गवर्नमेंट, corruption के लिए एक अलग से कैटेगरी है और दूसरी इंट्रेस्टिंग चीजों, स्टोरीस के लिए अलग से एक कैटेगरी है। और हरेक कैटेगरी में अलग अलग विचारों के लिए, अलग अलग टॉपिक हैं।

अगर आप सोचते हैं, या चाहते हैं की जीतने विचार या प्रकार की पोस्ट हों, सबको अलग अलग कैटेगरी में रखा जाना चाहिए। तो जिसको हम ‘टॉपिक’ कहते हैं, आप उसको ‘कैटेगरी’ कह लीजिये। और वो आपको सब अलग अलग ही मिलेंगे।

इस प्रकार, जो भी हमारी साइट पर आता है, वो अपनी चाहत के मुताबिक सिर्फ अपनी पसंद की कैटेगरी के अंदर के सभी टॉपिक देख सकता है।

इस संभान्ध में मैं यह भी कहना चाहूँगा की हरेक वैबसाइट का अपना एक मकसद, और उस मकसद को पूरा करने के लिए अपना एक डिज़ाइन होता है। हमारी एक डिस्कशन वैबसाइट है, और एक डिस्कशन वैबसाइट के लिए इससे बेहतर अगर आपको कोई साइट लगी हो, तो मुझे 9478784000 पर जरूर बताइएगा। (टेलेग्राम/व्हात्सप्प)।

“Lots of changes can be done… This way you can add more of your followers…this is just a few suggestions from my side… Rest is up to you whether you wanna adapt these changes or not… This is for your betterment”

बदलाव और बेहतरी का कोई भी अंत नहीं होता। कभी भी, किसी के लिए भी।
इसलिए हम उसके लिए तत्पर हैं, लेकिन अपनी सीमयों के अंदर रह कर।
अगर आप अभी भी मेरे जबाब से संतुष नहीं हैं, तो कृपया अपनी बात को स्क्रीन शॉट और उधारण के साथ यहीं पर नीचे, क्लियर कीजिये, मैं जबाब दूंगा।

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हैलो बठिंडा