कुछ लोग बाल्मीकि ऋषि के नाम पर कितनी कितनी भद्दी गालियां निकाल देते हैं लेकिन बठिंडा पुलिस ने मुझे ही जैल में डाला।

इंटरनेट पर बहुत जगह यह बताया गया है, की बाल्मीकि ऋषि, ऋषि बनने से पहले रत्नाकर डाकू थे।
लेकिन फिर वो अपने कामों और महनत से सारी रामायण को लिपि बध करके वाल्मीकि ऋषि के नाम से मशहूर हुए। उस संभनध में मैंने 24 मई, 2020 को एक विडिओ ऑनलाईन डाला था। पूरी पोस्ट और इस विडिओ की ट्रैन्स्क्रिप्शन आदि इस पोस्ट में, उसी विडिओ के साथ में आपको यहाँ, इस पोस्ट में मिल जाएंगी।

व्हिडिओ 24 मई, 2020 को डला था। और उसके बाद 29 मई को, यानी 5 दिन बाद, मुझे बठिंडा के ही एक वासी एक दीपक परोचा ( मोबाईल: 8872143444 ), जो MCB-5/6633, संजय नगर की 2 नंबर गली में रहता है, और कहता है की वो सभी बाल्मीकियों का प्रधान है, का फोन आया। उसने रत्ना डाकू वाली बात पर ऐतराज किया, तो मैंने उसको बहस करने से मना करते हुए कहा की मैं कानून पर चलने वाला आदमी हूँ, और अगर मैं गलत हूँ तो उसको कानून का दरवाजा खटखटाना चाहिए। लेकिन इस पर वो मुझे बहुत ही भद्दी गालियां देना शुरू कर देता है, और धमकाता है की कानून के जरिए भी और कानून के बाहर भी मुझे भगाएगा।

कुछ लोग, जिनको सरेआम उनको पता है की रिकॉर्डिंग चल रही है। अपने से बड़ी उम्र के 50 वर्ष के एक टीचर और समाज सेवी को सरे-आम धमकी देते हैं। क्यूंकी उनको मालूम है की पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ेगी।

आखिर ऐसी नोबत समाज में आई क्यूँ है? क्यूँ पुलिस का डर खत्म हो चुका है? अब मैंने एक अच्छा सिटिज़न बनते हुए पुलिस/एसएसपी ऑफिस, बठिंडा के पास कम्प्लैन्ट लिखवा दी है, जिसका कॉम्पलइंट Registration no. SSPBD/E/2020/00018, डैटिड 29-05-2020। अब देखें वो क्या करते हैं।

उस दीपक परोचा की रिकॉर्डिंग आप यहाँ पर सुन सकते हैं। (कृपया बच्चों या लेडिज की प्रेज़न्स में बिना हेड फोन पर मत सुनें)।

अगर यह लिंक किसी भी बजह से खुल नहीं रहा तो समझ लीजिए फेस्बूक आपको इस लिंक पर भेजना नहीं चाह रही। यही पोस्ट/लिंक अगर आप गूगल क्रोम के थ्रु ओपन करेंगे तो ईज़ली खुल जाएगा, और औडियो भी सुनेगी।
किसी भी दिक्कत के लिए आप मुझे 94 7878 4000 पर व्हाट्सप्प करके लिंक ले सकते हैं।

खुद को बाल्मीकि का चेला कहने वालों में से कुछ बंदों का लेवल देखिए आप।

#balmiki
#threatening
#call
#deepak
#sc-act
#scact
#bobby case

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Deepak Procha के मोबाईल नंबर के व्हाट्सप्प पर यह फोटो सेव की हुई है:

#deepak-procha
#दीपक-परोचा

30.5.2020 की दोपहर को बाल्मीकि समाज के 12-13 बंदे गए और SSP बठिंडा को मेरे ऊपर Fir करने की रीक्वेस्ट देकर आए, जिसका विडिओ आप यहाँ पर देख सकते हैं:
https://youtu.be/WId0tBS9c5Q

हालाँकि दोपहर को ही मैंने भी इस बात की सारी जानकारी बठिंडा पुलिस को कम्प्लैन्ट नंबर SSPBD/E/2020/00018 के जरिए जानकारी दी, और उनसे पर्टेक्शन माँगी, जिसका अभी तक उन्होंने कोई उतर नहीं दिया था।

शाम को मुझे जब यह पता चला की इंटरनेट पर रत्न डाकू ही बाल्मीकि ऋषि है या नहीं, इस बात पर पहले से डिस्प्यूट है, और जालंधर के एक व्यक्ति ने मुझे, नीचे दी गई, एक न्यूज कटिंग भेजी जिसमें यह लिखा था की एक औरत जिसका नाम मंजुला सहदेव है, ने पटियाला कोर्ट में यह साबित किया की बाल्मीकि ऋषि पहले रत्ना डाकू नहीं थे। उस न्यूज कटिंग वाले ने मेरे से करीब आधा घंटा बात की और मुझे अपना नाम अनिल कुमार जालंधर शहर से, बताया।

हालाँकि उनकी बातों में कोई अधिक दम नहीं था। लेकिन जब वो लोग भी मुझे मजबूर करने लग गए, जिनको मैं न्याय प्रिय मानता था, और जिनके लिए मैं Ssp की आँखों में रड़कने लग गया, और मेरे चाहने वाले तो पहले ही मेरे को दिन रात कहते थे की मैंने समाज की और पुलिस की बुराईयों के बारे में बोल कर क्या लेना है, तो फिर रात 8 बजे के करीब, मैंने सुखपाल सरा के कहने पर, एक जायज़ तरिके से माफी माँगी। (हालाँकि उसके कहने पर चलने के बाबजऊद सरा साहब ने क्या किया बस पूछो ही मत)
माफी:
https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=3157191777677067&id=118824138511315

यहाँ पर यह बात ध्यान देने योग्य है की इंटरनेट पर दोनों तरह की जानकारी उपलव्ध है, धार्मिक बुक्स में भी बहुत जगह इस रत्न और बाल्मीकि का जिक्र एक साथ आया है, फिर भी मैंने अपने भाई चारे और समाज का सोहादर को कायम रखने की दिशा में, मैंने, अपना फर्ज पूरा करते हुए, अपने उसी फेस्बूक अकाउंट से फिर से एक विडिओ पोस्ट डाली, जिसमें वो मंजुला सहदेव की अखबार की वो कटिंग, के हवाले से यह स्वीकार किया की मेरे से गलती हुई, और मैं सबसे जिसको भी कोई ठेस पहुंची, माफी माँगता हूँ। और यह भी कहा की अब से वो पक्ष मानूँगा, जो हमारी लोकल कम्यूनिटी चाहती है।

और यहाँ तक की उसके बाद मैंने दीपक परोचा को वापिस खुद फोन करके माफी मांगी। जिसकी रिकॉर्डिंग आप यहाँ पर सुन सकते हैं।

लेकिन इतना सब होने के बाद भी, मेरी उसी माफी के जबाब में वो बंदा धमकी भरे लहजे में कहता की हमारे 22 मोहल्ले हैं, जिसका मीनिंग मुझे यह समझाया गया की वो 22 मोहल्ले इकठे होकर मेरे पर अटैक करेंगे। यहाँ तक की उसने वोही फोन अपने एक साथी को पकड़ा दिया, और वो उससे भी ज्यादा आक्रामक था। आप सारी बात ऊपर दिए लिंक पर सुन सकते हैं।

इसके बाद दोस्तों, अगले आधे घंटे में, मुझे ऐसे ऐसे नम्बर से फोन आने लगे, जैसे इन्होंने अपने समुदाय में यह ढिंढोरा पिटवा दिया हो की मुझे फोन कर कर तंग करो, मुजह बहुत जगह से फोन आने लगे।

आखिर में मैं अपने मन को बहलाने के लिए, रोज की तरह सेर पर चला गया। मैं अपने घर से रेल्वे रोड, और वीर कालोनी की तरफ गया ही था, मैंने सोचा की वीर कालोनी में लाइट/प्रकाश की और मूड जाता हूँ। तो वहाँ पे मुझे 2-4 लड़के (2 करीब आए और 2 परे खड़े रहे), जिनकी उम्र करीब 20 और 30 के बीच रही होगी, ने रोक लिया। उन्होंने सीधा ही आवाज मारी, बॉबी, समाज सुधारक। और मेरे पलटते ही मेरे सर के करीब खड़े हो गए। मैं डर गया। लेकिन उन्होंने मुझे छूए बिना, यह शब्द बोले:

"अपना ध्यान रखना, तेरे साथ आने वाले दिनों में बहुत बुरा होगा। खुद की जान को बचा कर रखना, यह कब चली जाएगी, तेरे को भी पता नहीं चलेगा।” मैं उसके बाद इतना डर गया की आगे जाने का होंसला नहीं हुआ, और वापिस घर आ गया। घर में मैंने अपने बच्चों और वाइफ की और देखा और फैसला न कर सका की उनको यह बात बताऊँ या नहीं. लेकिन अंतत जीवन पर धमकी मिली थी, तो मुझे बतानी ही पड़ी। लेकिन मेरे दिल में घबराहट बढ़ने लगी। मेरे बच्चे कहते की डैडी आप अपना फोन बंद करके सो जाओ।

उसके बाद करीब 9/9.30 बजे का टाइम होगा, की मुझे फिर से एक अनजान नंबर 7009971217 से फोन आया, और उसने अपना नाम Deep Dashanand, Ravan Sena Bharat Sanghthan, Dist Ferozepur, बताया।
उस काल के शुरू में ही पता चल गया की उन्होंने कान्फ्रन्स काल की है, और दूसरी साइड में कई बंदे हैं। आप रिकॉर्डिंग सुनेंगे तो आप को भी पता चल जाएगा। रिकॉर्डिंग यहाँ पर उपलव्ध है।

कृपया इस रिकॉर्डिंग को बच्चों और औरतों के बीच बिना हेड फोन के मत सुनिए, हिन्दू देवी देवताओं को बहुत गंदी गाली बकी है उन्होंने।

उसके बाद उसने ऊपर दी रिकॉर्डिंग में ऐसे शब्द बोले की कोई भी हिन्दू अपने कानों से सुन नहीं सकता।
उसने सीधा कहा की “कृशन अपनी मामी को चोदता रहा है, ब्रह्म अपनी बेटी को चोदता रहा है”
उसने इग्ज़ैक्ट यही ‘चोदता’ वाले शब्द बोले। अब यह लगभग असहनीय हो चला था।

अब यह मेरे अकेले के खिलाफ इतने लोग झुंड बन कर इकठे हो चुके थे, और मुझे मारने की धमकी के इलवा मेरे धर्म पर सीधा, और जान भूझ कर अटैक करने लगे थे की मेरे से सहा नहीं जा पा रहा था। अगले 3 घंटों तक मुझे नींद नहीं आई।

और रात को करीब 12 बजे, मेरे सीने में अचानक से बहुत तेज दर्द हुआ। इतना ज्यादा की मुझे लगा मैं अभी मरने वाला हूँ। करीब 5 मिनट तक मुझे बहुत पसीना आया। मेरे मुहँ से आवाज तक नहीं निकली की मैं किसी को आवाज मार के जगा लूँ। लेकिन फिर धीरे धीरे मुझे सांस ठीक से आने लगी। और फिर मैं नींद की एक गोली लेकर सो गया।

और आज सुबह मैं सिवल अस्पताल में अपना चेक अप आदि करवाने गया की कल कोई बड़ी बात न हो जाए। तो मुझे ईसीजी करवाने के बाद पता चला की कल रात मुझे फर्स्ट हार्ट अटैक आया था। जिसके डाक्यमेन्ट और मेडिकल रिपोर्ट मैं अपनी ऐप्लकैशन के साथ लगा रहा हूँ। (वहाँ सिवल अस्पताल में जो रेपोर्ट्स आदि आईं, वो नीचे, नेक्स्ट पोस्ट में दीं हैं)।

और उसके बाद यही कम्प्लैन्ट मैं बठिंडा पुलिस को देने जा रहा हूँ, और पुलिस उनके झुंड का प्रेशर न मानती हुई, सही को सही कहेगी, और अपनी रिपोर्ट बनाएगी। उम्मीद करूंगा की मेरी धार्मिक भावनाएं जान भूजह कर आहात करने वालों के खिलाफ (मैं समझता हूँ की जान भूजह कर और अनजाने में आहात करने में बहुत फरक होता है), और मुझे जान से मारने की धमकी देने वाले अनजान लोगों के खिलाफ़, जो की मैं विश्वास के साथ कहता हूँ की इन्ही के साथी, और इन्ही के भेजे हुए थे, के खिलाफ सख्त कारवाई की जाए। और जो मेरी मेडिकल कन्डिशन और मेंटल ऐगनी के जन्मदाता हैं, उन पर इन सभी धारों के तहत केस दर्ज किए जाएँ।

धन्यवाद उन लोगों का, जो एक समूह के रूप में इकठे होकर, एक अकेले व्यक्ति पर यूँ अटैक करते हैं।

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इस विषय पर मुझे बहुत सी धमकियां भी मिली. 29 मई की शाम को जब में साइकिल पर सैर करने के लिए निकला तोह थोड़ी दुरी पर मुझे कुछ बन्दों ने घेर लिया और जान की धमकी दी यह कहते हुए की अगले कुछ दिनों में अगर अपनी जान बचा सकते हो तोह बचा लेना। इन्ही धमकियों के डर से मेने अपने घर वालो को भी कुछ नहीं बताया क्योंकि में बहुत डर गया था।

उसी रात मुझे पहली बार ज़िन्दगी में हार्ट अटैक भी आया। सिविल हॉस्पिटल से मेने चेक अप कारवाई तो सामने आया की मुझे अटैक आया था जिसकी पूरी इनफार्मेशन निचे दी है।




Health and Ecg proofs.PDF (3.0 MB)

अब आपने मेरा विडिओ भी देख लिया होगा, जिसमें मैंने कुछ भी आप्ति जनक नहीं कहा था। लेकिन फिर भी अगर 10% कुछ गलत हो भी गया था, तो उसकी सैम डे, माफ़ी माँग ली उसी आइडी से।
लेकिन जो उन्होंने गंदगी बकी। काल रिकॉर्डिंग पर। मुझे सारा दिन कितने ही अनजान नम्बर से काल कर कर के परेशान करते रहे। और शाम होते होते जान से मारने की धमकी दी। और रात को मुझे मेडिकल ईमर्जन्सी हो गई, जान भी जा सकती थी (जिसके प्रूफ इसी पोस्ट में साथ में लगाए हैं मैंने)। और हिन्दू देवी देवताओं का जनाज़ा निकाल दिया। और यह सब की कम्प्लैन्ट मैंने 30 मई, 2020 को DCBTD/E/2020/00028 के तहत डीसी बठिंडा को दी।

लेकिन मेरी कम्प्लैन्ट पर आज तक, अभी तक, 21.6.2020 तक कोई एक्शन नहीं हुआ।
यह है हमारा समाज!!

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लेकिन इस सब के बाबजऊद मेरे पर निम्न FIR काट कर मुझे अरेस्ट कर लिया और जैल में डाला।

मेरी FIR की कॉपी:





#my
#fir
#on
#me

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In एससी ऐक्ट cases Bail is available/should be given immediately, if surrendered : हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट

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Bail Order.pdf (58.5 KB)


हैलो बठिंडा